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Thursday, July 23, 2009

"कक्षा कम्पयूटर की"

बड़ी मजेदार है क्लास कम्पयूटर की
याद दिलाती है हमें अपने बचपन की
गुरूजी का ब्लैक बोर्ड और चाक की
अब सफेद बोर्ड और काली चाक है
लेफ्ट-राईट डिलीट या स्पेस टाइपिंग व माऊस
लिखते हैं यू हो जाता है आई
पेंसिल ब्रश से नई पिक्चर बनाई
अब अंधेरे में नम्बर बुलेट खेलते हैं
कभी शेर थे हम अब माऊस से डरते हैं

Wednesday, July 22, 2009

sawangeet

sawan ki bundiya ye dhadiphuhare,
aao sajan ,ye manwa pukare,
kare kare badra liye jiyra hilore-2
nano me kjra,ye kajra pukare--
bhiga bhiga angna,pad rahi phuhare,
bhiga bhiga anchra ,anchra pukare__
jhulo jhulo guian gitwa pukare+|||
Dr sharda verma

Thursday, July 16, 2009

"सपना"

ग़र सपने में तुम आ जाओ
तो सो जाऊँ मैं
मिलन की आशा प्यार की भाषा
ग़र तुम मुझको समझा जाओ
तो खो जाऊँ मैं
मधुर सी धुन पर
प्यार की बंसी बजा जाओ
ग़र सुना जाओ तो मोह हो जाऊँ मैं
प्यार की सुंदर बेला में
ग़र पुष्प बरसा जाओ
तो महक जाऊँ मैं
रघुवंशी की शरद कल्पना
ग़र इन्द्रलोक बन
बरस जाओ
तो थम जाऊँ मैं

Tuesday, July 14, 2009

"प्यास"

नयनों में प्यास जगी तुम… आ…जाओ
नन्ही सी आस जगी दरस दिखा जाओ…
सूरत तुम्हारी लगे प्यारी प्यारी
छवि भोली भाली छवि अति न्यारी
पलकों में आकर तुम समा जाओ…
अधरों से मेरे मधुर रस बरसे
पलकों पे मेरे यूँ बादर सिमटे
धानी चुनर को तुम आ कर उड़ा जाओ…
सावन का मौसम ये बरखा बहारें
नयनों में कजरा बालों में गजरा
हाथी की मेंहदी को तुम दीपक दिखा जाओ…
फूलों की लाली पे चहके है भँवरा
पपीहे की पीयू पीयू सुन डर रहा जियरा
बदरी बन के साजन छा जाओ…

Thursday, July 9, 2009

"रक्षा शिशु की"

माँ की ममता, पिता का प्यार,
बेटी हो या बेटा
दीजिये भरपूर दुलार
भरा-पूरा रहे हमारा संसार
घर में आयें खुशियाँ हजार
डी पी टी, पोलियो, पीलिया से बचाव
कभी न हो खसरा, चेचक या मियादी बुखार
बचाव बी सी जी डी टी वित का
शिशु की रक्षा, माँ है हकदार
माँ की सेहत पिता है जिम्मेदार
मुन्नी या मुन्ना जब मुस्कायेंगें
हम देश को ऊँचा कर पायेंगें !

Tuesday, July 7, 2009


"रेल गाड़ी - नई-पुरानी(बाल गीत)"

ओ…छुक-छुक गाड़ी, रेल सवारी

आना-जाना एक शहर से, अब दूजे की बारी

…ओ…छुक-छुक

टिफिन और थाली लेकर आये

रोटी संग अचार भी लाये, टेशन पर तो धक्का-मुक्का

कब आई अपनी बारी

…ओ…छुक-छुक

कोयले सा तो काला इंजन

चम-चम करते डिब्बे हैं संग

दो पटरी पे सरपट भागे

इतनी भरकम-भारी

…ओ…छुक-छुक

नई मेटरो को सलाम करें हम

नया है टेशन, नई है गाड़ी

टिकट कटा कर चैन से बैठो

घूमो दुनिया सारी …ओ छुक-छुक

ओ छुक-छुक गाड़ी रेल सवारी …

Monday, July 6, 2009

"प्रेम-प्यार"

ढाई आखर प्रेम के, राखो तुम दिल में याद,
ना मिलें बाग-बगीचे, ना ही हाट बाजार,
झांको अपने ह्रदय में, फिर करो प्रेम संवाद,
अहं हटा कर बोझ सा, प्रेम से हो फरियाद,
प्रेम ही हो सपने में, जागन पर भी प्यार,
जित देखो तित पाओगे केवल प्यार ही प्यार,
नफरत फेंको बावड़ी, कर लो प्रेम प्रकाश,
चम-चम चमको जगत में, प्रेम दिया हो पास,
प्रेम ही बल हो बाजू में, हो प्रेम रस स्वाद,
राज करो तुम प्रेम से, गौरव प्रेम हो पास,
प्रेम करो इस जगत से, करके प्रेम उपवास,
शरद प्रेम हो राम से, प्रभुजी से ये आस ।

Friday, July 3, 2009

"मेरी सन्धया !"

ये शाम सिंदूरी, ये अम्बर पे है लाली,
कुछ कहती, कुछ सुनती ये मनवा की खुशहाली,
सारे पक्षी नीलगगन के चूँ चूँ कहते जाते,
आगे जाते, लौट के आते, अपने घर की नीड़ बसाते,
मस्त पवन का झोंका आया,
वृक्षों का भी मन घबराया,
सुंदर केसर धारा माला पे
मीठी हस्ती है मन की हरियाली
कुछ खटटी कुछ मीठी बातें
चमक जगाये आशा वाली
नन्हे-नन्हे बोलों के संग,
छोटी बिटिया हँस-हँस बोली,
छोटी बिटिया हँस-हँस बोली !

Thursday, July 2, 2009

"गीत - चाँद मेरे"

चाँद मेरे, बगियाँ बगियाँ घर आना…
शीतल चाँदनी को…घर लाना…
जब मिलो तुम मेरे…सूरज से
किरणों…से भी… बतियाना…
जब मिलो तुम…नीले अम्बर से…
कारी बदरिया…संग लाना…
जब मिलो तुम…धर्मराज से…
प्रेम का पाठ्…सिखा आना…
जब मिलो तुम… मेरे प्रियतम से…
मेरे दिल का हाल… सुना आना…

Wednesday, July 1, 2009

"मेरे चाँद "

आज म्हारे जियरा जगाई दिये है पीर,
साजन कैसे आऊँ मनवा अधीर ।

साँझ भये तो चमके बिजुरिया,
काँपे है छतिया धड़के है जियरा ।
रिमझिम बुंदिया टप-टप बरस रही,
चहुँ ओर सारी बगिया महक रही,
तुम बिन बालम मनवा अधीर ।

पपिया की पिऊ-पिऊ गुंजन गुँजा रही,
कोयल भी मीठी तान सुना रही,
तानो के बीच मन है पीर ।

आमों के बागों में झूले हैं सखियाँ,
गाती मल्हार रिझाने को रसिया,
ऐसे में बालम जिया है अधीर ।