"गीत - चाँद मेरे"
चाँद मेरे, बगियाँ बगियाँ घर आना…
शीतल चाँदनी को…घर लाना…
जब मिलो तुम मेरे…सूरज से
किरणों…से भी… बतियाना…
जब मिलो तुम…नीले अम्बर से…
कारी बदरिया…संग लाना…
जब मिलो तुम…धर्मराज से…
प्रेम का पाठ्…सिखा आना…
जब मिलो तुम… मेरे प्रियतम से…
मेरे दिल का हाल… सुना आना…



5 Comments:
chand mere bagiya bagiya ghar aana..
waah ati suhdar rachana aapki
badhayi
July 2, 2009 at 3:39 AM
Waah !! Bahut Sundar....
July 2, 2009 at 4:35 AM
जब मिलो तुम… मेरे प्रियतम से…
मेरे दिल का हाल… सुना आना…
bahut sundar .........sach me kah dena chanda se mere dil ki baat......dhnyawaad
July 2, 2009 at 4:39 AM
जब मिलो तुम मेरे…सूरज से
किरणों…से भी… बतियाना…
जब मिलो तुम…नीले अम्बर से…
कारी बदरिया…संग लाना…
बहुत सुन्दर अभि व्यक्ति है बधाई्
July 2, 2009 at 4:52 AM
बहुत उम्दा रचना!
July 2, 2009 at 4:44 PM
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