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Thursday, July 2, 2009

"गीत - चाँद मेरे"

चाँद मेरे, बगियाँ बगियाँ घर आना…
शीतल चाँदनी को…घर लाना…
जब मिलो तुम मेरे…सूरज से
किरणों…से भी… बतियाना…
जब मिलो तुम…नीले अम्बर से…
कारी बदरिया…संग लाना…
जब मिलो तुम…धर्मराज से…
प्रेम का पाठ्…सिखा आना…
जब मिलो तुम… मेरे प्रियतम से…
मेरे दिल का हाल… सुना आना…

5 Comments:

Blogger विनोद कुमार पांडेय said...

chand mere bagiya bagiya ghar aana..
waah ati suhdar rachana aapki
badhayi

July 2, 2009 at 3:39 AM

 
Blogger रंजना said...

Waah !! Bahut Sundar....

July 2, 2009 at 4:35 AM

 
Blogger ओम आर्य said...

जब मिलो तुम… मेरे प्रियतम से…
मेरे दिल का हाल… सुना आना…
bahut sundar .........sach me kah dena chanda se mere dil ki baat......dhnyawaad

July 2, 2009 at 4:39 AM

 
Blogger निर्मला कपिला said...

जब मिलो तुम मेरे…सूरज से
किरणों…से भी… बतियाना…
जब मिलो तुम…नीले अम्बर से…
कारी बदरिया…संग लाना…
बहुत सुन्दर अभि व्यक्ति है बधाई्

July 2, 2009 at 4:52 AM

 
Blogger Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा रचना!

July 2, 2009 at 4:44 PM

 

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